| |
|
|
कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने लिए ’’ कृषि
केबिनेट ’’ का गठन |
|
भोपाल.
कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते
हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न
मंत्रिपरिषद् की बैठक में ‘‘कृषि केबिनेट’’ गठित करने का निर्णय लिया
गया। यह केबिनेट कृषि एवं कृषक क्षेत्रक अन्य विषयों पर राज्य शासन
की और से समग्र रूप से योजना बनाने एवं निर्णय लेने के लिए अधिकृत
होगी। इस केबिनेट का औपचारिक नाम ’’मंत्रि परिषद् की कृषि क्षेत्रक
मामलों की समिति‘‘ होगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित इस समिति
में कृषि एवं कृषि क्षेत्रक सभी विभागों के मंत्री गण सदस्य होंगे।
कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के सचिव होंगे।
कृषि केबिनेट में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेरी, मछली पालन,
सहकारिता, सिंचाई, नर्मदा घाटी, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास,
आदिम-जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण तथा वन विभाग शामिल होंगे।
यह समिति संबंधित विभागों से जुड़े अवयवों के आयोजना एवं बजटीय
प्रावधानों पर चर्चा एवं निर्णय लेगी। विभागों के विकास से जुड़े बजट
से संबंधित मामलों को बजट की वित्तीय सीमाओं के भीतर रहते हुए
पुनर्विनियोजन अथवा अन्य परिवर्तन का कार्य भी समिति द्वारा किया
जायेगा। समिति कृषि क्षेत्रक योजनाओं तथा अल्प एवं दीर्धकालिक
रणनीतियों का निर्धारण करेगी और इसके लिए विशेषज्ञों के साथ परामर्श
करेगी।
कृषि एवं कृषि सेक्टर से संबंधित बजट मांगों पर एक समूह के रूप में
विधान सभा में बजट चर्चा की जाकर ‘‘ कृषि बजट ’’ की अवधारणा विकसित
की जायेगी।
|
update:
Monday June 13, 2011 05:44 PM
game movie pic sms
Gift, mobile society online |
मुख्य पृष्ठ
|
|
|